ओएमएसएस के तहत विभिन्न वर्गों के लिए चावल बिक्री का कोटा निर्धारित

17-Jul-2026 05:56 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने 2026-27 सीजन के लिए खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के अंतर्गत बेचने हेतु भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के स्टॉक से चावल का कोटा निर्धारित कर दिया है। 

खाद्य विभाग के अनुसार ई-नीलामी के माध्यम से प्राइवेट पार्टियों, सहकारी संघों एवं सहकारी महासंघों को 25 प्रतिशत टूट वाले दाने के साथ 25 लाख टन चावल की बिक्री की जाएगी। यह स्टॉक छोटे व्यापारियों, उद्यमियों एवं इंडीविजुअल्स के लिए भी उपलब्ध रहेगा। 

इसी तरह राइस मिलिंग ट्रांसफॉर्मेशन स्कीम के अंतर्गत खुले बाजार में प्राइवेट व्यापारियों को 10 प्रतिशत टूटे दाने के साथ कस्टम मिल राइस (सीएमआर) की बिक्री का कोटा 20 लाख टन तथा राइस मिलिंग ट्रांसफॉर्मेशन स्कीम के अंतर्गत ही उत्पादित शेष टूटे दाने वाले (टुकड़ी) चावल की बिक्री का कोटा 55 लाख टन निर्धारित किया गया है। 

राज्य सरकारों तथा प्रांतीय सरकारी नियमों के लिए 16 लाख टन चावल की बिक्री का कोटा 31 अक्टूबर 2026 तक तथा समुदायिक रसोई के लिए 32 लाख टन चावल की बिक्री का कोटा 1 नवम्बर 2026 से 30 जून 2027 तक के लिए निर्धारित किया गया है। इस चावल की खरीद के लिए ई-नीलामी में भाग लेने की जरूरत नहीं है बल्कि इसे सीधे भारतीय खाद्य निगम के नजदीकी डिपो से खरीदा जा सकता है। 

एथनॉल उत्पादन के लिए डिस्टीलरीज को कुल 72 लाख टन चावल का कोटा आवंटित किया गया है जिसकी बिक्री 1 नवम्बर 2025 से 31 अक्टूबर 2026 के बीच की जाएगी।  

भारत ब्रांड के अंतर्गत बेचने के लिए केन्द्रीय सहकारी संगठनों जैसे नैफेड, एनसीसीएफ तथा केन्द्रीय भंडार (खुदरा बिक्री) को बेचने के लिए चावल के आवंटित कोटे की सूचना सही समय पर दी जाएगी। 

जहां तक गेहूं की बात है तो जब और जैसे ही इसकी ओएमएसएस नीति के बारे में निर्णय लिया जाएगा तभी इसके कोटा आवंटन की घोषणा की जाएगी। चावल और गेहूं का आरक्षित मूल्य पहले ही नियत हो चुका है।