साप्ताहिक समीक्षा- तुवर

18-Jul-2026 09:14 PM

कमजोर बुवाई और सीमित उपलब्धता से तुवर बाजार में लौटी मजबूती 

नई दिल्ली। घटे भावों पर बिकवाली का दबाव कमजोर पड़ने और मांग में सुधार आने से चालू सप्ताह के दौरान घरेलू तुवर (अरहर) बाजार में तेजी का रुख देखने को मिला। उत्पादक मंडियों में अरहर की आवक सामान्य से कम बनी हुई है, जबकि आयातकों की ओर से भी आक्रामक बिकवाली नहीं हो रही है। सीमित उपलब्धता के कारण बाजार में फिलहाल बड़ी गिरावट की संभावना कम दिखाई दे रही है। बाजार को मानसून की कमजोर प्रगति से भी समर्थन मिल रहा है। कई प्रमुख उत्पादक राज्यों में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण चालू खरीफ सीजन में अरहर की बुवाई पिछले वर्ष की तुलना में काफी पीछे चल रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक देश में केवल 19.54 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में तुवर की बुवाई हुई है, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में यह आंकड़ा 28.03 लाख हेक्टेयर था। यानी इस वर्ष बुवाई का रकबा 8.49 लाख हेक्टेयर कम है। संभावित उत्पादन में कमी की आशंका को देखते हुए स्टॉकिस्ट भी आक्रामक बिकवाली से बच रहे हैं और सीमित मात्रा में ही माल बाजार में उतार रहे हैं। व्यापारियों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मानसून में उल्लेखनीय सुधार नहीं होता और बुवाई का अंतर बना रहता है, तो घरेलू उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ सकती है। ऐसे में सीमित स्टॉक, नियंत्रित बिकवाली और बेहतर मांग के समर्थन से आगामी महीनों में तुवर की कीमतों में और अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। आयातकों बिकवाली कमजोर पड़ने व मांग बनी रहने से मुंबई अफ्रीकी तुवर के भाव सप्ताहभर में 100/150 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गए। सप्ताहांत में मोजाम्बिक सफेद 6050/6100 रुपये, गजरी 5950/6000 रुपये, मटवारा 5850 रुपये, मलावी 5600/5650 रुपये तथा सूडान 8200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इसी प्रकार चेन्नई में लेमन तुवर के भाव 250 रुपये प्रति क्विंटल उछलकर सप्ताहंत में 7950 रुपए प्रति क्विंटल हो गए। 
आयातित     
निर्यातकों की बिकवाली कमजोर पड़ने व निर्यात मांग बढ़ने से बर्मा तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 10 डॉलर प्रति टन की बढ़त देखी गयी और इस बढ़त के साथ भाव सप्ताहांत में 875 डॉलर प्रति टन हो गयी।                                                                                                                                                                                        दिल्ली 
ग्राहकी सुस्त बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान दिल्ली तुवर लेमन में 50 रुपए व देसी तुवर में 50 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी मंदी  दर्ज की गयी और इस तेजी मंदी  के साथ भाव सप्ताहांत में लेमन 7900 रुपए व देसी 8150/8250 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी।  
महाराष्ट्र 
बिकवाली कमजोर बनी रहने व दाल मिलर्स की मांग बेहतर होने से  इस साप्ताह महाराष्ट्र तुवर की कीमतों में 150/300 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी  देखी गयी और इस तेजी के साथ भाव  सप्ताहांत में  सोलापुर में 7400/8475 रुपये,अकोला 8300/8350 रुपए, लातूर में 8200/8310 रुपये, नागपुर 8300/8350 रुपये, बार्शी 7500/8000 रुपये हिंगणघाट 7500/8350 रुपए व अहमदनगर 8000/8200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
कर्नाटक   
लिवाली बेहतर बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान कर्नाटक तुवर की कीमतों में 200/400 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गयी और इस बढ़ोतरी के साथ भाव सप्ताहांत में गुलबर्गा 8200/8800 रुपए रायचूर 6259/8009 रुपए बीदर 7174/8409 रुपए व तालिकोट 6100/7901 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी।    
मध्य प्रदेश
दाल मिलर्स लिवाली बढ़ने से मध्य प्रदेश तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 200/250 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़त देखी गयी और इस बढ़त के साथ भाव सप्ताहांत में कटनी 8250/8350 रुपए जबलपुर 5000/7500 रुपए पिपरिया 5500/7300 रुपए व करेली 6200/7425 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी। 
अन्य 
चौतरफा गिरावट के असर व ग्राहकी कमजोर पड़ने से रायपुर तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 150 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी के साथ भाव सप्ताहांत  में 8000/8250 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। इसी प्रकार कानपुर तुवर की कीमतों में भी इस साप्ताह 150 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट  देखी गयी और सप्तहांत में भाव 7250 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
तुवर दाल 
तुवर की तेजी के समर्थन व मांग बढ़ने से चालू साप्ताह के दौरान तुवर दाल की कीमतों में 300/4000 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गयी और इस तेजी के साथ भाव सप्ताहांत में दिल्ली फटका 11950/12450 रुपए, कटनी फटका 11400/11600 रुपए, अकोला 11300/12300 रुपए,लातूर फटका 12100/12300 रुपए, गुलबर्गा फटका 11700/12600 रुपए व कानपुर फटका 11900/12000 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।