सप्ताहिक समीक्षा- धान चावल
18-Jul-2026 09:07 PM
मांग कमजोर रहने से धान-चावल का भाव नरम
नई दिल्ली। ईरान के समीप होर्मुज स्ट्रेट से व्यावसायिक जहाजों के आवागमन में पुनः अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो जाने से पश्चिम एशिया, मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के देशों में भारत से खासकर बासमती चावल का निर्यात प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। इसके फलस्वरूप घरेलू थोक मंडियों में राइस मिलर्स / प्रोसेसर्स एवं निर्यातक बासमती धान की खरीद में कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कुछ मंडियों में धान की अच्छी आवक हो रही है। बासमती चावल का कारोबार भी सुस्त पड़ गया है जिससे कीमतों में नरमी देखी जा रही है।
दिल्ली
11-17 जुलाई वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली की नरेला मंडी में कम आवक के बावजूद 1509 हैण्ड धान का भाव 300 रुपए घटकर 3950 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। लेकिन छत्तीसगढ़ की भाटापाड़ा एवं राजिम मंडियों में अच्छी आपूर्ति के बाद भी धान की कीमतों में 30 से 100 रुपए प्रति क्विंटल तक का सुधार देखा गया। वहां 'ए' ग्रेड धान की आवक अधिक हो रही है।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में जहांगीराबाद एवं शाहजहांपुर की मंडियों में अलग-अलग रोजाना करीब 10 हजार बोरी धान की आपूर्ति हुई। जहांगीराबाद में 1509 धान का भाव 207 रुपए प्रति क्विंटल तेज रहा। शाहजहांपुर में तो धान की आवक बढ़ते हुए 30 हजार बोरी तक पहुंच गई लेकिन कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं आया।
राजस्थान / महाराष्ट्र
राजस्थान की बूंदी एवं कोटा मंडी में धान की सामान्य आवक के साथ दाम में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी देखी गई। महाराष्ट्र की गोंडिया मंडी में भाव तेज रहा।
चावल
जहां तक चावल का सवाल है तो आमतौर पर इसका भाव स्थिर या नरम देखा गया। पंजाब के अमृतसर, उत्तराखंड के नगर तथा दिल्ली के नया बाजार में विभिन्न किस्मों एवं श्रेणियों के चावल की खरीद-बिक्री कम होने से कीमतों में 200-300 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। अभी निर्यातकों की लिवाली सुस्त लेकिन दिसावरी व्यापारी थोड़ी-बहुत मात्रा में चावल की खरीद कर रहे हैं इसलिए कीमतों में जोरदार गिरावट नहीं आई है।
रकबा
खरीफ कालीन धान का रकबा गत वर्ष से पीछे चल रहा है और मानसून की हालत कमजोर बनी हुई है। गैर बासमती चावल का निर्यात ऑफर मूल्य बढ़ रहा है। इसका निर्यात प्रदर्शन सामान्य बना हुआ है।
