अल नीनो की ताकत बढ़ी लेकिन आईओडी में सकारात्मक सुधार

16-Sep-2026 04:22 PM

सिडनी। अल नीनो मौसम चक्र की तीव्रता एवं ताकत लगातार बढ़ती जा रही है जिससे आगामी महीनों के दौरान मौसम के परिदृश्य में बदलाव का सिलसिला बरकरार रहेगा। प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान बढ़कर सामान्य स्तर से काफी ऊपर पहुंच गया है। नवीनतम नीनो 3.4 सूचकांक बढ़कर 2.51 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है जबकि आगामी महीनों के दौरान इसकी सघनता और भी बढ़ने की संभावना है।

लेकिन इसके साथ-साथ हिन्द महासागर का डायपोल (आईओडी) सामान्य घनात्मक आधार स्तर से ऊपर पहुंच गया है जो भारत सहित दक्षिण एशिया में अल नीनो के प्रभाव को सीमित रखने में सक्षम हो सकता है। अभी तक इस सकारात्मक आईओडी में निरंतरता का अभाव देखा जा रहा था लेकिन अब यह मूल आधार से ऊपर चला गया है।

ऑस्ट्रेलियाई मौसम ब्यूरो का कहना है कि अल नीनो का प्रभाव मार्च 2027 तक कायम रहेगा। ब्यूरों की दक्षिणी गोलार्द्ध  निगरानी रिपोर्ट में कहा गया है कि वसंतकाल तक अगर आईओडी का नया स्वरूप विकसित हुआ तो हिन्द महासागर के आसपास अवस्थित देशों में अल नीनो का प्रभाव घट सकता है। 

उधर सभी मौसम मॉडल्स से संकेत मिलता है कि ट्रॉपिकल प्रशांत महासागर की समुद्री सतह की गर्माहट सितम्बर-नवम्बर की अवधि में बढ़ने वाली है जिससे दक्षिणी गोलार्द्ध में अल नीनो का ज्यादा असर पड़ सकता है। इससे ब्राजील-अर्जेन्टीना में कृषि उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका रहेगी। 

भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून का समय अब समाप्त होने वाला है और 19 सितम्बर से इसकी वापसी यात्रा शुरू होने की संभावना है। प्रस्थान के क्रम में मानसून देश के कुछ भागों को बारिश की सौगात दे सकता है।