दक्षिणी राज्यों में भारी वर्षा होने की उम्मीद

16-Sep-2026 06:02 PM

तिरुअनन्तपुरम। उपग्रह से प्राप्त चित्र के अवलोकन-विश्लेषण से पता चलता है कि मानसून की वर्षा से मुक्त बादलों का एक शील्ड दक्षिण दिशा की ओर बढ़ रहा है जबकि बादलों का एक सघन क्षेत्र लक्ष्यदीप केरल तथा श्रीलंका के आसपास दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर फैला हुआ है। लक्ष्य का यह झुण्ड बंगाल की खाड़ी तक देखा जा रहा है। श्रीलंका से लेकर अडंमान निकोबार द्वीप समूह तक इसका विस्तार हो चुका है। 

बादलों का एक अन्य झुण्ड या समूह (क्लस्टर) उत्तरी पूर्वी अरब सागर के ऊपर भी दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान एवं गुजरात के उत्तरी तटीय क्षेत्रों के ऊपर सक्रिय अवस्था में हैं। दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान के ऊपर कम दाब का एक क्षेत्र बन रहा है जो अब गुजरात के सौराष्ट्र संभाग तथा उसके समीपवर्ती पूर्वोत्तर अरब सागर के अंदर पहुंच गया है। 

मानसून का ट्रफ फिलहाल अपने केन्द्र बिंदु से आगे निकल कर डीसा, गुणा, सतना, डाल्टेन गंज, जमशेदपुर तथा दीघा से होते हुए बंगाल की खाड़ी में समाता प्रतीत हो रहा है। उत्तरी तटवर्ती उड़ीसा, मध्यवर्ती आसाम तथा दक्षिणी तटवर्ती आसाम तक इसका सिरा फैला हुआ है। उधर दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक से होते हुए एक अन्य वर्षा सहित ट्रफ तमिलनाडु एवं मन्नार की खाड़ी की तरफ सक्रिय होकर जा रहा है। 

उपरोक्त सभी सिस्टम को देखते हुए अगले 5-6 दिनों के अंदर दक्षिण भारत के राज्यों- कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल एवं पांडीचेरी में भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इन प्रांतों में वर्षा की सख्त आवश्यकता महसूस की जा रही है क्योंकि बारिश की कमी के कारण वहां खरीफ फसलों पर संकट बढ़ गया है।