साप्ताहिक समीक्षा- सरसों
18-Jul-2026 08:42 PM
कम आपूर्ति एवं मजबूत मांग से सरसों का भाव तेज
नई दिल्ली। 11-17 जुलाई वाले सप्ताह के दौरान सम्पूर्ण तिलहन-तेल बाजार में तेजी-मजबूती का माहौल देखा गया जिसके प्रभाव से सरसों के दाम में भी 200-300 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। कहीं-कहीं इसमें 400-500 रुपए की भी तेजी आई।
42% कंडीशन सरसों
42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली और जयपुर में 300-300 रुपए बढ़कर क्रमश: 8000 रुपए एवं 8300 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।
सरसों
सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों के दाम में हरियाणा की आदमपुर मंडी में 540 रुपए, मध्य प्रदेश की ग्वालियर मंडी में 400 रुपए तथा राजस्थान की बूंदी मंडी में 800 रुपए प्रति क्विंटल की जबरदस्त बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। देश की अन्य प्रमुख मंडियों में सरसों का भाव 200-300 रुपए प्रति क्विंटल तेज रहा। सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) इस बार 6200 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित हुआ है जबकि थोक मंडी भाव इससे बहुत ऊपर चल रहा है।
आवक
राष्ट्रीय स्तर पर सरसों की औसत दैनिक आवक घटकर 2.50-3.00 लाख बोरी (50 किलो की प्रत्येक बोरी) रह गई है जबकि इसकी मांग काफी मजबूती है। व्यापारी तथा तेल मिलर्स इसकी खरीद में जबरदस्त दिलचस्पी दिखा रहे हैं। सरकारी एजेंसियों के पास स्टॉक लगभग समाप्त हो चुका है इसलिए बाजार में उसका नगण्य हस्तक्षेप हो रहा है।
सरसों तेल / कच्ची घानी
सरसों की कीमतों में भारी इजाफा होने से सरसों तेल एक्सपेलर एवं कच्ची घानी का दाम भी 6-7 रुपए प्रति किलो तक उछल गया। दिल्ली तथा चरखी दादरी में भाव 60-60 रुपए बढ़कर 1650 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। अलवर में दोनों श्रेणियों के सरसों तेल के मूल्य में प्रति 10 किलो पर 70 रुपए का इजाफा हुआ जबकि भरतपुर में भी 60 रुपए की वृद्धि होने से कच्ची घानी तेल का दाम 1680 रुपए तथा एक्सपेलर का मूल्य 1660 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया।
सरसों खल (डीओसी)
इसी तरह सरसों खल एवं डीओसी की कीमतों में शानदार वृद्धि देखी। चीन में भारतीय रेपसीड मील की मांग मजबूत बनी हुई है।
