साप्ताहिक समीक्षा- सोयाबीन

18-Jul-2026 08:27 PM

क्रशिंग इकाइयों की जोरदार लिवाली से सोयाबीन में भारी तेजी 

नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान की महत्वपूर्ण मंडियों में माल की सीमित आवक होने तथा क्रशिंग- प्रोसेसिंग इकाइयों में मांग मजबूत रहने से 11-17 जुलाई वाले सप्ताह के दौरान सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में 300 से 500 रुपए प्रति क्विंटल तक की भारी बढ़ोत्तरी देखी गई। 
सोया प्लांट 
इसके फलस्वरूप सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी मूल्य पुनः बढ़कर 7200-7700 रुपए प्रति क्विंटल के बीच पहुंच गया है। घरेलू प्रभाग में आपूर्ति कम होने तथा भाव ऊंचा रहने से इस बार भारी मात्रा में विदेशों से सोयाबीन का आयात हो रहा है। जून 2026 तक 7.70 लाख टन सोयाबीन का आयात हो चुका था। 
सोया रिफाइंड (तेल) 
लेकिन सोया रिफाइंड तेल के दाम में इसके अनुरूप बढ़ोत्तरी नहीं देखी गई। इसका भाव महज 1 से 3 रुपए प्रति किलो तक तेज हुआ। कुछ प्लांटों की बिकवाली सीमित रही। सोया रिफाइंड तेल का भाव पहले से ही 145 रुपए प्रति किलो के उच्च स्तर पर मौजूद है। महाराष्ट्र के कई प्लांटों में भाव 2 रुपए प्रति किलो तेज देखा गया। सोया रिफाइंड तेल का दाम कोटा में 1500 रुपए 10 किलो पर स्थिर रहा जबकि मुम्बई एवं कांडला में 5-5 रुपए सुधरकर क्रमश: 1465 रुपए एवं 1450 रुपए प्रति 10 किलो और हल्दिया में 20 रुपए बढ़कर 1450/1455 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया।
आवक 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन की दैनिक आवक में भारी अंतर देखा गया। इसकी आवक 13 जुलाई को 1.05 लाख बोरी हुई जो 14 जुलाई को घटकर 55 हजार बोरी रह गई लेकिन 15 जुलाई को बढ़कर 1.40 लाख बोरी पर पहुंच गई। 16 तथा 17 जुलाई को 1.10-1.10 लाख बोरी (100 किलो की प्रत्येक बोरी) सोयाबीन की आवक देखी गई। 
सोया खल (डीओसी) 
सोया डीओसी के दाम में खासकर महाराष्ट्र में 3000 से 5000 रुपए प्रति टन तक की जोरदार तेजी आई। लेकिन ऊंचे दाम पर इसकी घरेलू एवं निर्यात मांग कमजोर पड़ने की संभावना है।