वर्षा की कमी का दायरा बढ़ना जारी
17-Jul-2026 03:53 PM
नई दिल्ली। दक्षिण पश्चिम मानसून की बेहद कमजोर स्थिति के कारण देश में दैनिक तथा सीजनल आधार पर वर्षा की कमी का दायरा पुनः बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार 15 जुलाई को देश में महज 4.3 मि०मी० बारिश हुई जो सामान्य औसत स्तर 10 मि०मी० से 57 प्रतिशत कम रही। चालू सप्ताह के आरंभ से ही बारिश में भारी गिरावट देखी जा रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक इस वर्ष / जून से 16 जुलाई के दौरान देश में कुल 231.3 मि०मी० वर्षा दर्ज की गई जो दीर्घकालीन औसत (एलपीए) 304.2 मि०मी० से 24 प्रतिशत कम रही। देश के अधिकांश भागों से मानसून गायब हो गया है जबकि भीषण गर्मी का दौर अभी जारी है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले सप्ताह मानसून की सक्रियता पुनः बढ़ सकती है और देश के कई राज्यों में अच्छी बारिश हो सकती है क्योंकि एक तरफ बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दाब का क्षेत्र बन रहा है जो डिप्रेशन में बदल सकता है और इससे मानसून को अच्छी ताकत मिलेगी। दूसरी ओर पश्चिमोत्तर दिशा में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है जो आगे बढ़कर पूरब की और से आने वाले मानसूनी प्रवाह के साथ मिल सकता है।
16 जुलाई को देश के चारों मौसम संभागों में मानसून की वर्षा सामान्य औसत से कम या बहुत कम हुई। वर्षा की कमी दक्षिणी प्रायद्वीप में 95 प्रतिशत दर्ज की गई। वहां 10 मौसम उपखंडों में से 3 उपखंड में बारिश बिल्कुल नहीं हुई जबकि अन्य उपखंडों में भी बहुत कम वर्षा हुई।
पश्चिमोत्तर भारत में सामान्य औसत से 90 प्रतिशत कम वर्षा हुई। इसी तरह मध्यवर्ती राज्यों में बारिश की कमी 33 प्रतिशत देखी गई। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ एवं पूर्वी मध्य प्रदेश में 17 से 21 जुलाई के दौरान तथा विदर्भ संभाग में 17-18 जुलाई के अत्यन्त मूसलाधार बारिश होने की संभावना व्यक्त की है जिससे कहीं-कहीं बाढ़ आ सकती है।
